विचार

यह मसला किसी टाउन हाल के हस्तांतरण का नहीं है, बल्कि यह वह पैमाना है जहां हिमाचली सृजन के सारे पहलू फट जाते हैं। मंडी स्थित टाउन हाल किसकी बपौती है और अगर कला के प्रति यही दस्तूर है, तो हिमाचल में सांस्कृतिक उत्सव मनाने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होता। दरअसल मंडी के टाउन