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कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों को नाउम्मीदी में डाल दिया है। एक तरफ  अस्पताल न जाने की दिक्कत दूसरी तरफ मेडिकल सुविधाओं की कमी। इस वजह से लोगों में शारीरिक और मानसिक दोनों तरह की परेशानियां बढ़ रही हैं और यही वजह है कि शरीर में ऑक्सीजन लेवल ऊपर-नीचे होने लगता है। अगर आप

बॉडी में डिहाइड्रेशन की वजह से शरीर में थकावट, सुस्ती रह सकती है। इससे ब्लड प्रेशर कम होने की भी समस्या हो सकती है। इसके अलावा शरीर में पानी की कमी होने से सिरदर्द, मस्सल्स क्रैंप्स और हृदय गति बढ़ने लगती है। इतना ही नहीं इसका असर त्वचा पर भी देखने को मिलता है… गर्मी

– डा. जगीर सिंह पठानिया सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक, आयुर्वेद, बनखंडी कुष्मांड (पेठा) के औषधीय गुण वर्षा ऋतु में कद्दू के आकार का सफेद फल ही पेठा होता है, जिसे संस्कृत में कुष्मांड कहा जाता है। जिसका लेटिन नाम बेनिनकासा हिस्पिडा है। यह भारत वर्ष में  सर्वत्र होता है। इसकी बड़ी आरोहिणी लता होती है, जिसे

*  आंखों पर खीरे की स्लाइस रखने से आंखों की सूजन और डार्क सर्किल दोनों कम हो जाते हैं। * आंखों की थकान दूर करने के लिए गुलाबजल में रुई भिगोकर आंखों पर रखनी चाहिए। * आंखों के नीचे काले घेरे को दूर करने के लिए बादाम के तेल से मालिश करनी चाहिए। * पालक

आज हर दूसरा व्यक्ति पेट पर जमा अतिरिक्त चर्बी से परेशान है। मोटापा न सिर्फ  व्यक्ति की पर्सनेलिटी खराब करता है, बल्कि उसके आत्मविश्वास को भी कम कर देता है। यूं तो मोटापा और बेली फैट कम करने के लिए कई तरह की एक्सरसाइज से लेकर डाइट प्लान मौजूद है। लेकिन इनमें से कौन सा

आज के समय में यूरिक एसिड बनने के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं। यह आधुनिक जीवन शैली का एक गंभीर रोग है। शरीर में प्यूरिन के टूटने से यूरिक एसिड बनता है। प्यूरिन एक ऐसा पदार्थ है, जो खाने वाली चीजों में पाया जाता है। खाने वाली चीजों से यह शरीर में पहुंचता

श्रीराम शर्मा एक गांव में बड़े धर्मपरायण व्यक्ति रहते थे। समय-समय पर कथा आयोजन होते रहते, दान-पुण्य की महत्ता बताई जाती। लोग यथाशक्ति यह करते भी थे। अभी तक गांव में किसी ऐसे महात्मा का आगमन नहीं हुआ था, जो उन्हें अध्यात्म का मर्म समझाता, जीवन साधना का महत्त्व समझाता। इसी कारण प्रत्यक्षतः धार्मिक क्रिया-कलापों

बाबा हरदेव गतांक से आगे… संत तो संगत करने का कर्ता भी अपने आप को नहीं मानता और यही कहता है कि तुम्हारी कृपा से भए साधसंग, ऐहो काज तुम आप कियो। कि तेरी कृपा से संतों, महापुरुषों का संग मिला है। यह कारज तो तूने आप ही किया है अगर ये भी मेरे पर

पुष्टिमार्ग के इस प्रवर्तक की जयंती वैशाख के पावन मास में मनाई जाती है। माना जाता है कि वैशाख मास की कृष्ण एकादशी को कृष्णभक्ति के मार्ग को दिखाने वाले सूरदास को लीलाधर की लीलाओं से परिचित कराने वाले वल्लभाचार्य का जन्म हुआ था। अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार इस वर्ष इनकी जयंती 7 मई को