अपनी माटी

आड़ू प्लम के पौधों की ट्रांसप्लांट का सही वक्त प्रूनिंग नहीं की तो उसे भी कर लें   हिमाचल में हुई धांसू बर्फबारी ने भले ही लोगों की मुसीबतें बढ़ा दी हों,लेकिन बागीचों के लिए यह अमृत जैसी है। कम से कम इस बार चिलिंग आवर्ज कोई मसला नहीं रहने वाले हैं। यह कहना है नौणी यूनिवर्सिटी

कैंसर के लिए रामबाग हैं जापानी मशरूम शटाके कृषि विभाग के मुताबिक अभी तक प्रदेश में शटाके मशरूम नहीं उगाया जाता है और इसकी सबसे अधिक संभावनाएं पालपपुर क्षेत्र में हैं… जापान, चीन व दक्षिण कोरिया के लोगों का पसंदीदा शटाके मशरूम प्रदेश में भी उगाया जाएगा। हिमाचल के इस शटाके मशरूम को विदेशी मार्केट

भले ही यह साल की पहली बर्फबारी है, लेकिन हिमाचल के ऊंचाई वाले इलाकों में सेब के लिए यह रामबाण साबित हुई है। बागबानी विशेषज्ञों की मानें, तो यह हिमपात आधे से ज्यादा चिलिंग आवर्ज पूरे कर चुका है। इससे इस बार सेब की बंपर फसल की उम्मीद है। ऐसे में करोड़ों के सेब कारोबार

हिमाचल की नर्सरियों में 2023 तक तैयार होंगे 52 लाख रूट स्टाक, बागबारनों को सबसिडी पर देगी तैयार न्यूजीलैंड और  नीदरलैंड की दर्ज पर नर्सरियों को संवारने की तैयारी हिमाचल के बागबानों को अब अपनी नर्सरियों से सेब की पौध मुहैया करवाई जाएगी। प्रदेश की नर्सरियों में 2023 तक 52 लाख सेब के रूट स्टॉक

हिमाचल में एक शुगर मिल तक नहीं बनवा पाई सरकारें, पंजाब में लुट रहे पांवटा साहिब,गगरेट और मीलवां के हजारों किसान भले ही हमारी सरकारें अपना एक साल पूरा होने पर भी जोरदार जश्न मनाती हों,लेकिन सच यह है कि प्रदेश में किसान की हालत बहुत खराब है। खासकर गन्ना उत्पादकों को पूछने वाला कोई

हिमाचल में आलू की मुख्य बैरायटियों में कुफरी सदाबहार, कुफरी हिमसोना, हिमगोल्ड, पुखराज, बहार चंद्रमुखी के अलावा बरोट और लाहुल का बीज प्रमुख है करीब 15 साल बाद एक बार फिर हिमाचल सरकार आलू का बीज बेचने की तैयारी कर रही है। प्रदेश सरकार अगर ऐसा करती है,तो लाखोें किसानों को इसके तीन बड़े फायदे

सिर्फ 36 रुपये प्रीमियम से हो जाएगा काम जिला के लहसुन उत्पादकों को महकमें ने फसल बीमा करवाने को कहा है। सरकार ने 14 दिसंबर तक टाइमलाइन इसके लिए तय किया था। लिहाजा, जिला के किसान बैंकों में पहुंच बीमा की औपचारिकताओं में जुट गए हैं। गेहूं व जौ का बीमा संबंधित बैंक एजेंसियों के

भले ही सरकारें नेक नीयत से योजनाएं चलाती हों,लेकिन ज्यादातर लोगों को पता नहीं होता। ऐसे में वे योजनाओं का लाभ उठाने से वंचित रह जाते हैं। प्रदेश का अग्रणी मीडिया ग्रुप दिव्य हिमाचल अपनी नई मैगजीन ‘अपनी माटी’ के पहले अंक में कुछ ऐसी महत्वपूर्ण योजनाओं का जिक्र कर रहा है। इनमें सोलर वाटर