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दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि भारत के हालात को लेकर हाल ही में किए गए जोखिम मूल्यांकन में पाया गया है कि देश में कोविड-19 के मामलों में बढ़ोतरी के लिए कई संभावित कारक जिम्मदार रहे, जिसमें ‘विभिन्न धार्मिक एवं राजनीतिक कार्यक्रमों में जुटी भारी भीड़

दिव्य हिमाचल ब्यूरो—नई दिल्ली अल कायदा का कथित तौर पर सदस्य रहे और तिहाड़ जेल में बंद एक डाक्टर ने दिल्ली की अदालत का रुख कर कोविड-19 मरीजों के इलाज में जेल प्रशासन का सहयोग करने की अनुमति मांगी है। विशेष न्यायाधीश धर्मेंद्र राणा के समक्ष बुधवार को दाखिल याचिका में आरोपी सबील अहमद ने

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली कोरोना की दूसरी लहर से जूझ रहे भारत में अब तीसरे लहर से बच्चों को बचाने की तैयारी शुरू हो गई है। कोरोना कहर के बीच ऐसा कहा जा रहा है कि इसकी तीसरी लहर में सबसे अधिक बच्चे प्रभावित होंगे। यह चिंता इसलिए भी बढ़ जाती है, क्योंकि

नौ राज्यों में कोविड-19 मामले कम होने से राहत दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली कोरान संक्रमण के रोजाना तीन लाख से ज्यादा आ रहे नए मामलों के चलते देश की स्थिति इस वक्त भयावह बनी हुई है। इसके साथ ही, रोजाना करीब चार हजार से ज्यादा लोग दम तोड़ रहे हैं। हालांकि, राहत की

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली बीते कुछ दिनों में गंगा नदी में तैरते मिले दर्जनों शव के मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने मामले में केंद्र, यूपी और बिहार की सरकारों को नोटिस जारी कर, चार हफ्तों में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। नोटिस जारी करते हुए आयोग

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली बीते एक महीने के दौरान कोरोना वायरस की दूसरी लहर के बीच वैक्सीन की कमी को लेकर काफी चिंताएं व्यक्त की गई हैं। पहली मई से 18+ वालों के भी वैक्सीनेशन की शुरुआत कर दी गई, लेकिन वैक्सीन की कमी के कारण गति धीमी रही है, लेकिन अब आगामी

हमारे सुपुत्र बरखुरदार चिरंजीत कुलभूषण उर्फ बंटी साहब सरकार से कहां कम हैं? जो लक्ष्य सरकार एक पंचवर्षीय योजना में नहीं प्राप्त कर पाती है, भला वे क्यों पांच वर्ष में दसवीं कक्षा पास कर लेते। फख्र का विषय तो यह है कि वे इस बार छठी बार परीक्षा देने के बाद भी वही फेल

देश इस समय वैश्विक महामारी कोरोना के कारण संकट में है। इस समय हर सत्ताधारी और राजनेता, ये चाहे किसी भी राजनीतिक दल के क्यों न हों, इन सभी को कोरोना के किसी भी मुद्दे पर ओछी राजनीति से बचते हुए देशहित और जनहित के बारे में सोचना चाहिए। केंद्र और राज्य सरकारों को चाहिए