प्रकृति से छेड़छाड़ का परिणाम

By: May 12th, 2021 12:05 am

-राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा

अगर इनसान ने कुदरत से छेड़छाड़ बंद नहीं की और पर्यावरण को संभालने के लिए गंभीरता नहीं दिखाई तो क्या भविष्य में कुदरत कहर बरपा कर प्राणी जाति के लिए और विकट मुसीबतें नहीं पैदा करेगी? इनसान ने विज्ञान में इतनी तरक्की कर ली है कि वह भूल गया है कि कुदरत की संभाल भी करनी है। आज इनसान कुदरत को बौना समझने की भूल कर रहा है। मौसम चक्र के बिगड़ने का कारण है इनसान द्वारा भौतिकतावाद की अंधी दौड़ में कुदरत की नाक में दम करना। मौसम चक्र के गड़बड़ाने के कारण ही बेमौसमी बरसातें और बर्फबारी होती है। अतः कुदरत की अनमोल चीजों को संभालने के लिए चिंतन करना होगा।