ग्रामीणों को जागरूक करें

By: May 7th, 2021 12:05 am

जब कोरोना की पहली लहर हमारे देश में चलने ही लगी थी तो केंद्र और राज्य सरकारों ने संपूर्ण लॉकडाउन लगा दिया था और प्रवासी मजदूरों-कामगारों की अन-धन और आर्थिक मदद करने की भी भरपूर कोशिश की थी। लेकिन स्थानीय निकाय अर्थात कुछ भ्रष्ट सांसदों, विधायकों, पार्षदों और अन्य छुटपुट प्रधानों की बदौलत सरकारों की योजनाओं का लाभ जरूरतमंद लोगों को नाममात्र का ही मिला और इस पर समृद्ध लोगों ने कुंडली मार दी। इस कारण प्रवासी मजदूरों को अपने-अपने घरों को वापसी मजबूरीवश करनी पड़ी। इससे कोरोना संक्रमण के गांवों तक पहुंचने के बहुत चांस बढ़ गए।

 हमारा देश गांवों का देश है और आजादी के लंबे अर्से बाद भी देश में कुछ गांव ऐसे हैं जो चिकित्सा क्षेत्र में अभी भी पिछड़े हुए हैं। कोरोना काल में वहां के लोगों को और भी दिक्कत हो जाती होगी, दूसरा मीडिया भी कोरोना के इलाज के प्रति सरकारों के रवैये को लेकर शहरी क्षेत्रों पर ही फोकस कर रहा है। कोरोना संक्रमण से गांवों को बचाने के लिए वहां के लोगों को इसके प्रति जागरूक करना भी जरूरी है क्योंकि गांवों में अभी भी लोग देशी नुस्खों को लगभग हर बीमारी के इलाज के लिए अपनाते हैं। कोरोना के प्रति गांवों के निवासियों को जागरूक करने के लिए सरकार, प्रशासन और युवाओं को गंभीरता दिखानी चाहिए। उन्हें यह समझाना चाहिए कि कोरोना के लक्षण महसूस होने पर अपनी टेस्टिंग करवाएं व कोरोना वैक्सीन लगाएं।

       -राजेश कुमार चौहान, सुजानपुर टीहरा