भारतीय बॉलिंग-फील्डिंग कोच बोले, मानसिक तौर पर स्मार्ट होने का वक्त

By: May 13th, 2021 12:08 am

भारतीय बॉलिंग-फील्डिंग कोच बोले, डब्ल्यूटीसी फाइनल में काम आएगा खिलाडि़यों का अनुभव

दिव्य हिमाचल ब्यूरो— नई दिल्ली

क्वारंटाइन पर रहने के कारण भारत की न्यूजीलैंड के खिलाफ इंग्लैंड में होने वाले वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप(डब्ल्यूटीसी) फाइनल की तैयारियां प्रभावित होंगी, लेकिन बॉलिंग कोच भरत अरुण और फील्डिंग कोच आर श्रीधर को लगता है कि खिलाडि़यों का अपार अनुभव इस चुनौती का सामना करने के लिए पर्याप्त होगा। भारतीय टीम के एक सप्ताह के कड़े क्वारंटाइन के बाद जून के पहले सप्ताह में ब्रिटेन रवाना होने की संभावना है। अभी यह पता नहीं चला है कि विराट कोहली और उनकी टीम को न्यूजीलैंड के खिलाफ 18 जून से साउथंपटन में शुरू होने वाले फाइनल से पहले प्रैक्टिस की अनुमति दी जाएगी या नहीं। भारतीय टीम को इसके बाद अगस्त से इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलनी है। श्रीधर से जब पूछा गया कि भारत को फाइनल की तैयारी के लिए कितना समय मिलेगा, उन्होंने कहा, मुझे नहीं लगता कि हमारे पास कोई विकल्प है। हमें जितना भी समय मिलेगा, हम उसका पूरा फायदा उठाना चाहेंगे, क्योंकि यह सब क्वारंटाइन, हमारे वहां पहुंचने के समय और प्रैक्टिस मैच मिलने पर निर्भर करता है। इसलिए मुझे नहीं लगता कि हमारे पास कोई विकल्प है। कोविड-19 महामारी की चुनौतियों, जैव सुरक्षित वातावरण(बायो बबल) की जिंदगी और क्वारंटाइन के कारण खिलाडि़यों के लिए कार्यक्रम तैयार करना मुश्किल बन गया है।

पर श्रीधर को लगता है कि कम तैयारियों के साथ उतरने की मानसिकता में खिलाड़ी अपना सर्वश्रेष्ठ भी दे सकते हैं। उन्होंने कहा, यह मानसिक तौर पर स्मार्ट होने का समय है। हमारे पास फाइनल में खेलने के लिए अनुभवी टीम है। प्रत्येक खिलाड़ी परिस्थितियों से सामंजस्य बिठाने में सक्षम हैं। वे न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले हैं, वे इंग्लैंड में खेले हैं। श्रीधर ने कहा, इसलिए मुझे लगता है कि अनुभव मायने रखेगा और हमें यह चुनौती स्वीकार करनी होगी, क्योंकि हम वास्तव में यह योजना नहीं बना सकते कि हम कितने अभ्यास सत्र चाहते हैं क्योंकि हम केवल उतने ही अभ्यास सत्र में भाग ले पाएंगे जितने हमें मिलेंगे।