एक्शन में डीसी…तुरंत दिलाई राहत

By: May 13th, 2021 12:13 am

मरीजों के तामीरदारों को पानी न मिलने पर टांडा मेडिकल कालेज में दुकानें खोलने के दिए निर्देश

जिला संवाददाता – कांगड़ा
कोरोना काल में जहां मुश्किल में फंसे लोगों को सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए इनसानियत के फरिश्ते मदद में जुट गए हैं, तो वही दिक्कतें भी बरकरार हैं। इस बीच उपायुक्त कांगड़ा राकेश प्रजापति भी मसीहा बनकर सामने आए हैं। बुधवार को जब मरीजों के तीमारदारों को टांडा में पानी भी नसीब न हुआ, तो उन्होंने परिसर के भीतर दुकानें खोलने के आदेश मिनटों में दे दिए, तब कहीं जाकर उन्हें जरूरत का सामान मुहैया हो पाया। ऐसी बात नहीं है कि लोग मुश्किल में फंसे लोगों का दर्द नहीं समझ रहे हैं। यहां दुकानदार मृतक के परिवारों को कफन का समान तक मुहैया करवा रहे हैं, क्योंकि इनसानियत अभी जिंदा है। कांगड़ा कोरोना स्वयंसेवक भी इस दिशा में तत्परता के साथ अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं।

दवा भोजन से लेकर अन्य सेवाएं भी दी जा रही हैं, वही होटल और कारोबारियों की अपने दिक्कत है। होटल मालिक रितेश कहते हैं कि सरकारी तंत्र ने होटल बंद करने की बात तो कह दी, लेकिन मुश्किल में फंसे मरीजों के तीमारदार कहां जाएं । अगर हिदायतों का पालन करें, तो ऐसे लोगों को रहने और खाने की मुश्किल आ सकती है, वहीं संजय राणा की पीड़ा भी वाजिब है । कोरोना से अपने पिता की मौत की पीड़ा सह चुके संजय राणा कहते हैं कि जहां कोरोना संक्रमितों का इलाज हो रहा है, वहां सीसीटीवी कैमरे लगे और डाक्टर और नर्सों व वार्ड बॉय और सफाई कर्मी की पीपीई किट का रंग अलग हो, तभी पता चले कि सही में इलाज कौन कर रहा है। वहीं, कारोबारियों का कहना है कि लोकल व्यापारियों का धंधा ठप कर ई-कॉमर्स कंपनियां चांदी कूट रही है। इसी बात को लेकर कारोबारियों को गुस्सा है वे कहते हैं कि जब सब कारोबार बंद है, तो फिर ई.कॉमर्स कंपनियां अमेजन फ्लिपकार्ट इत्यादि तमाम कंपनियां ई-कॉमर्स के जरिए अपना धंधा कर रही हैं। इनकी खरीद-फरोख्त पर भी लगाम कसी जाए। खैर व्यापारियों की अपनी दिक्कतें हो सकती हैं, लेकिन कोरोना काल के समय में कुछ पंचायतों ने गांव में सख्तियां भी की हैं और सेनेटाइजेशन का कार्य चलाया है। ऐसी पंचायतें बधाई की पात्र हैं और इनसे प्रेरणा लेते हुए सभी पंचायतों को अपने दायित्व निभाने चाहिए। कांगड़ा एगेसन्ड कोविड 19 संस्था भी अपने स्तर पर राहत दे रही है। इस सब में सोशल मीडिया की भूमिका अहम है। इसी के सहारे संदेश इधर से उधर पहुंच रहे हैं और कोविड-19 से संक्रमित आइसोलेट व्यक्तियों को सहायता मिल पा रही है। अगर इसी प्रकार रहा तो सरकारी तंत्र के साथ-साथ कांग्रेसी पार्टी की हेल्पलाइन और अन्य संस्थाएं लोगों को के दर्द को कम करेंगी।