कफ्र्यू ने उड़ाई नशेडिय़ों की नींद

By: May 13th, 2021 12:11 am

क्षेत्रिय अस्पताल बिलासपुर में पहुंच रहे, नशा निवारण केंद्र में तीन गुणा बढ़ी संख्या

दिव्य हिमाचल ब्यूरो-बिलासपुर
कोरोना कफ्र्यू के बीच नशे के तलबगारों की परेशानी बढ़ गई है। नशा उपलब्ध न होने की वजह से उनकी रातों की नींद उड़ गई है और दिन का चैन भी। तड़प बढऩे के चलते नशा से छुटकारा पाने के लिए अब क्षेत्रीय अस्पताल बिलासपुर की दौड़ लगाने को विवश हो गए हैं। खास बात यह है कि नशा निवारण केंद्र की ओपीडी में आने वाले मरीजों की मासिक औसत तीन गुणा तक बढ़ गई है। इससे साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि नशे के तलबगार नशे के लिए किस हद तक तड़प रहे हैं और नशा छुड़ाने के उपचार के लिए अलावा कोई चारा भी नहीं है। जानकारी के मुताबिक कोरोना कफ्र्यू में नशा न मिलने की वजह से नशे के तलबगारों की बेचैनी बढ़ गई है। कई ऐसे नशेड़ी हैं जिन्हें रात को नींद नहीं आ रही है और ऊपर से बुखार तक आ रहा है।

इन नशेडिय़ों में ज्यादातर चिट्टे का सेवन करने वाले शामिल हैं, जबकि अब शराब का नशा करने वाले लोग भी अस्पताल का रूख कर रहे हैं। कोरोना कफ्र्यू से पहले नशा निवारण केंद्र की ओपीडी में मरीजों का मासिक आंकड़ा बीस के करीब रहता था, जो कि अब बढ़कर साठ तक पहुंच गया है। यानी तीन गुणा मरीज बढ़े हैं। नशा निवारण केंद्र में कार्यरत मनोचिकित्सक डॉक्टर महेंद्र सिंह मरीजों की सब्सिच्यूशन थेरैपी कर रहे हैं। डाक्टरों की मानें तो कई ऐसे मरीज भी हैं जो महीना या दो महीना ही आते हैं और उसके बाद आना बंद कर देते हैं। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि वह फिर से नशे का सेवन करना शुरू करते हैं और अपने शरीर व करियर को भी तबाह कर डालते हैं। ऐसे में नशा छुड़ाने के लिए अस्पताल में प्रॉपर ट्रीटमेंट की जाती है और छह माह से लेकर दो साल की अवधि में नशेडिय़ों का नशा छुड़ाया जाता है। अस्पताल में काउंसलिंग के लिए बाकायदा काउंसलर भी उपलब्ध हैं। बिलासपुर अस्पताल के नशा निवारण केंद्र में कार्यरत मनोचिकित्सक डा. महेंद्र सिंह ने बताया कि कोरोना कफ्र्यू में मरीजों की संख्या तीन गुणा तक बढ़ गई है। पहले महीने में बीस मरीज ही अमूमन आते थे, लेकिन अब यह संख्या साठ तक पहुंच गई है।

104 पर मिलेगी विस्तृत जानकारी
नशा छोडऩे के इच्छुक लोगों की सुविधा के लिए स्वास्थ्य प्रशासन ने टोल फ्री नंबर 104 शुरू किया है। इस नंबर को डायल कर विस्तृत जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इस नंबर के माध्यम से लोगों को काउंसलिंग के साथ साथ ईलाज के लिए बेहतर जानकारी मिलेगी।