क्रूर चेहरा…

By: May 13th, 2021 12:05 am

समाचारों के अनुसार गंगा नदी के पवित्र जल में 50 शव बहते हुए पाए गए हैं। यह सही है कि दाह या दफन संस्कार के लिए परिवार के सदस्यों को 5 से 6 घंटे तक श्मशान या  कब्रिस्तान में इंतजार करना पड़ता है और शवों को जलाने के लिए सूखी लकड़ी तथा खाली जमीन की समस्या भी है। ये शव बिहार में पाए गए हैं। माना जा रहा है कि ये शव उत्तर प्रदेश से बह कर आए थे। सवाल यह नहीं है कि ये शव कहां से आए, सवाल यह है कि क्या हम इतने निर्दयी हैं? क्या हम उन लोगों के दाह संस्कार की प्रतीक्षा भी नहीं करते जो हमारे अपने थे? यदि हमारा व्यवहार अपनों के साथ ऐसा क्रूर है तो दूसरों के साथ कैसा होगा?

-नरेंद्र कुमार शर्मा, भुजड़ू, मंडी