गंगा में मिले शवों पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग सख्त, केंद्र-उत्तर प्रदेश और बिहार सरकार से मांगा जवाब

By: May 14th, 2021 12:06 am

दिव्य हिमाचल ब्यूरो — नई दिल्ली

बीते कुछ दिनों में गंगा नदी में तैरते मिले दर्जनों शव के मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने संज्ञान लिया है। एनएचआरसी ने मामले में केंद्र, यूपी और बिहार की सरकारों को नोटिस जारी कर, चार हफ्तों में कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी है। नोटिस जारी करते हुए आयोग ने कहा है कि ऐसा लगता है जैसे प्रशासन जनता को गंगा नदी में आधे जले हुए या बिना जले शवों को बहाने के नुकसानों के बारे में शिक्षित नहीं कर सका है। पवित्र नदी गंगा में शवों को बहाना साफ तौर पर जल शक्ति मंत्रालय के स्वच्छ गंगा अभियान के तहत जारी किए दिशानिर्देशों का उल्लंघन है।

आयोग में 11 मई को यह शिकायत की गई थी। शिकायतकर्ता ने कहा है कि कई मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी आशंका जाहिर की गई है कि नदी में बहाए जा रहे शव कोरोना संक्रमितों के हो सकते हैं। ऐसे में शवों को इस तरह बहाना उन लोगों के लिए गंभीर हो सकता है जो अपनी रोजमर्रा के जीवन में नदी पर निर्भर है। शिकायतकर्ता ने आगे यह भी कहा है कि अगर ये शव कोरोना संक्त्रमितों के नहीं भी हैं तो भी इस तरह नदी में लाशें बहाना समाज के लिए शर्मिंदा करने वाला कृत्य है क्योंकि यह मृत व्यक्ति के मानवाधिकारों का भी हनन है।

अब चंदौली में मिलीं बहती हुई लाशें

गंगा नदी में तैरती हुई लाशें मिलने का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहा।  बिहार के बक्सर से शुरू हुआ सिलसिला बलिया-गाजीपुर से होते हुए अब चंदौली पहुंच गया। यहां गुरुवार सुबह आधा दर्जन से अधिक शव गंगा में दिखाई दिए, जिसके बाद अधिकारियों को फोन कर मामले की जानकारी दी गई।