एंबुलेंस में घंटों बिठाएं रखा संक्रमित

By: May 14th, 2021 12:12 am

कार्यालय संवाददाता- भरमौर
रावी नदी पर निर्माणाधीन कुठेड़ हाइड्रो प्रोजेक्ट के कोरोना पॉजिटिव आए कामगार को आईसोलेशन वार्ड में भेजने के बजाय घंटों एंबुलेंस में ही बिठाए रखा। इसके चलते प्रोजेक्ट का काम कर रही कंपनी के पॉजिटिव कामगारों के लिए आईसोलेशन में रखने की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए है। बहरहाल घंटों एंबुलेंस में बिठाए रखने के बाद शाम के वक्त पॉजिटिव आए कामगार को चोली स्थित कलोनी में निर्मित कोलोनी को आईसोलेशन वार्ड बना वहां शिफ्ट कर दिया है। बता दें कि गतरोज कुठेड़ हाइड्रो प्रोजेक्ट के एक दर्जन के करीब आरटीपीसीआर जांच में कोरोना पॉजिटिव निकले थे।

इनमें उत्तर प्रदेश से संबंध रखने वाला एक कोरोना पॉजिटिव आया। इसे प्रशासन व सरकार की ओर से जारी आदेशों के तहत आइसोलेशन में रखना चाहिए था, लेकिन कंपनी की ओर से इस बावत अभी तक पुख्ता व्यवस्था नहीं की है। इसका ही नतीजा था कि गुरुवार सुबह पांच बजे कामगार को कोरोना पॉजिटिव होने की सूचना मिली। इसके बाद उसे कुठेड़ स्थित बैराज साइड पर ही एंबुलेंस में बिठा दिया गया। हैरत की बात है कि पूरा दिन संक्रमित कामगार को एंबुलेंस में बिठाए रखा। इस दौरान ग्राम पंचायत सांह के उपप्रधान समेत अन्यों ने कामगार का हालचाल भी जाना और किसी प्रकार की दिक्कत होने पर संपर्क करने पर हरसंभव सहायता मुहैया करवाने का भरोसा दिलाया। उधर, पाजिटिव कामगार का कहना था कि सुबह पांच बजे से एंबुलेंस में ही है। इस दौरान खाने पीने की व्यवस्था भी एंबुलेंस में ही की जा रही है। उनका कहना था कि उसे आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट करने की बात कही है। उधर, नायब तहसीलदार होली टीआर ठाकुर का कहना है कि एंबुलेंस में दिन भर रखे कामगार को कंपनी की ओर से चोली में बनाए आइसोलेशन वार्ड में शिफ्ट कर दिया है। कंपनी की ओर से बकायदा इसकी फोटो भी उन्हें भेजी है। उन्होंने कहा कि कंपनी प्रबंधन को दो टूक कहा गया है कि सरकार और प्रशासन की ओर से जारी गाइडलाइन की सख्ती के साथ पालना करें, अन्यथा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।