यूजी में शोधपत्र के छह क्रेडिट

By: Jul 31st, 2016 12:01 am

धर्मशाला— विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा पहली बार अंडर ग्रेजुएट में शुरू किए जा रहे शोध कार्य के लिए विषय वस्तु भी निर्धारित कर दी गई है। यूजीसी की गाइडलाइन के तहत यूजी के छात्रों को जीवन के हालत समझने, मूल्यांकन करने और मुश्किल समस्यों पर शोध करना होगा। प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में पहली बार यूजी कक्षाओं में शोध विशेष कोर्स के रूप में शामिल किया गया है। शोधपत्र तैयार करने पर छात्रों को सेमेस्टर में छह क्रेडिट मिलेंगे। शिक्षा प्रणाली में यूजीसी के बड़े फेरबदल से छात्रों को शोध प्रवृत्ति बढ़ाई जाएगी। सभी महाविद्यालयों में नए रूसा के तहत अंडर ग्रेजुएट यूजी में पहली बार शोध पत्र तैयार करना भी छात्रों के लिए अनिवार्य होगा। छात्रों को अपने कोर विषय के साथ-साथ इलेक्टिव विषयों का चुनाव करना होगा। इसके बाद अपने विषय का शोध पत्र प्रोजेक्ट तैयार करना भी अनिवार्य किया गया है। एक स्पेशल विषय के रूप में शुरू किए जा रहे शोध कोर्स में छात्र जीवन के हालात, समस्याओं और उनके मूल्यांकन पर शोध पत्र तैयार करेंगे। शोध विषय को यूजी में छात्रों का रिसर्च के प्रति रुझान बढ़ाने के लिए शुरू किया गया है। इससे पहले पीजी के विषयों सहित पीएचडी में ही छात्रों को पूरी तरह से रिसर्च वर्क करना होता है, लेकिन शुरुआती दौर में रिसर्च वर्क न होने से छात्रों को बाद में परेशानियां झेलनी पड़ती थीं। अब छात्र यूजी में ही शोध के लिए मास्टर बन जाएंगे, जिसके बाद पीजी और पीएचडी की डिग्री प्राप्त करने के लिए छात्रों को परेशानियां नहीं झेलनी पड़ेंगी। यूजी में छात्रों को शोध का बेसिक कांसेप्ट पूरी तरह से क्लीयर कर दिया जाएगा।