एसीआर न भेजने से अटकी प्रोमोशन

By: Jul 31st, 2016 12:01 am

शिमला— ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री के साथ शनिवार को सचिवालय में ग्राम पंचायत एवं विकास अधिकारी (पंचायत सचिव) महासंघ की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पंचायत सचिवों की समस्याओं से जुड़े अनेक मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा हुई। महासंघ के अध्यक्ष धु्रव सिंह भूरिया ने बताया कि पंचायत सचिवों की पदोन्नति व समय पर डीपीसी न करना मुख्य समस्या है। यह समस्या खंड विकास अधिकारियों द्वारा वार्षिक गोपनीय रिपोर्ट समय पर उपलब्ध न करवाने से उत्पन्न हुई है। मंत्री एवं विभागीय सचिव व निदेशक के साथ पिछली बैठक के दौरान भी इस मामले पर काफी चर्चा हुई थी। केवल कांगड़ा जिला से एसीआर निदेशालय पहुंची है। महासंघ ने इस संदर्भ में दोषी खंड विकास अधिकारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा ने महासंघ को आश्वस्त किया कि वह पंचायत सचिवों की पदोन्नति से संबंधित पूर्ण ब्यौरा विभागीय अधिकारियों से फाइल पर शीघ्र मंगवाएंगे और मामले पर उचित कार्रवाई की जाएगी। महासंघ के महासचिव चंद्रमणि ठाकुर ने बताया कि पंचायत सचिवों की पदोन्नति प्रगति सहायक, एसईबीपीओ, आडिटर, उद्योग निरीक्षक व सहकारिता निरीक्षकों के पदों पर होनी है और पिछले करीब 20 से अधिक वर्षों से पंचायत सचिव इसी पद पर सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि अन्य मांगों में प्रगति सहायक के पद के लिए पंचायत सचिवों के कोटे में 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी, विकास खंडों में वरिष्ठ सहायकों के रिक्त पदों पर पंचायत सचिवों से भरना, सहकारिता विभाग में निरीक्षक के 300 रिक्त पदों पर एकमुश्त छूट प्रदान कर पंचायत सचिवों से इन पदों को भरना शामिल हैं। वहीं महासंघ के पदाधिकारियों को विभागीय सचिव ने पदोन्नति के मामले पर शीघ्र कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।