इंस्पायर अवार्ड से स्कूलों का किनारा

By: Jul 31st, 2016 12:01 am

सोलन— छात्रों में विज्ञान विषय की रुचि को बढ़ाने व रचनात्मक कार्यों को बढ़ावा देने के लिए मिलने वाले इंस्पायर अवार्ड से प्रदेश के छात्र मुंह फेरने लगे हैं। आलम यह है कि प्रदेश के कुछ जिले तो इसके लिए आवेदन तक नहीं करते। वहीं कुछ काबिल होने के बावजूद अवार्ड हासिल करने में कोई रुचि नहीं दिखा रहे हैं। इससे केंद्र सरकार की योजना प्रदेश में सुस्त पड़ती नजर आ रही है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से चलाई जाने वाली इंस्पायर अवार्ड योजना प्रदेश में दम तोड़ती नजर आ रही है। आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2012 से शुरू हुई इस योजना के तहत 4412 अवार्ड लंबित पड़े हैं। प्रदेश के लगभग 173 विद्यालयों ने इसके लिए इस अवार्ड को हासिल करने लिए आवेदन तक नहीं किया है। राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद से मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश के जिला लाहुल-स्पीति से इंस्पायर अवार्ड के लिए कोई भी आवेदन नहीं आया है, जबकि जिला चंबा में 643, कांगड़ा 1119 व शिमला में 1215 अवार्ड लंबित पड़े हैं। इससे प्रदेश में यह योजना सुस्त पड़ती नजर आ रही है। लिहाजा प्रदेश के कुछ जिले इस योजना के लिए बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। गौर रहे कि वर्ष 2016-17 के लिए राज्य शैक्षिक एवं अनुसंधान परिषद ने इंस्पायर अवार्ड के लिए अधिक से अधिक छात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए खासतौर पर लाहुल-स्पीति, कांगड़ा, शिमला व चंबा के उच्च शिक्षा उपनिदेशकों को अधिक से अधिक प्रदर्शन करने के निर्देश जारी किए हैं। इस पर जानकारी देते हुए इंस्पायर अवार्ड योजना के स्टेट नोडल आफिसर इंस्पायर अवार्ड आफिसर शिव कुमार शर्मा ने बताया कि वर्ष 2016-17 के लिए आवेदन करने के लिए ईएमआईएएस के वेब पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया के कुछ जिलों में लंबित अवार्ड संख्या बढ़ती जा रही है। इसके लिए उचित निर्देश जारी कि ए गए हैं।

विज्ञान छात्रों को यह मिलती है सुविधा

इंस्पायर अवार्ड मेधावी छात्रों व खासतौर पर विज्ञान में अधिक रुचि रखने वाले छात्रों को दिया जाता है। इससे वे विज्ञान के क्षेत्र में रचनात्मक शोध करने के लिए प्रेरित हो सकें। इसके लिए आर्थिक तौर पर भी छात्र की सहायता की जाती है।