कोमल धागों के मजबूत बंधन

By: Aug 29th, 2015 12:21 am

11 बजकर 16 मिनट से दोपहर एक बजकर 50 मिनट तक भद्रा मुखकाल होने से राखी बांधने का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इसके अलावा मध्याह्न 14 बजकर 15 मिनट से लेकर सायं 17 बजकर 25 मिनट तक अमृत का चौघडि़या भी है। अतः दोपहर 13 बजकर 50 मिनट से सायं 17 बजकर 25 मिनट के मध्य राखी बांधने का पवित्र और स्नेहमय कार्य किया जा सकता है…

शुभ मुहूर्त

29 अगस्त, शनिवार  दोपहर बाद।   

दोपहर एक  बजकर 50 मिनट से सायं 5 बजकर 25 मिनट तक।

Aasthaराखी का त्योहार श्रावणी पूर्णिमा को मनाया जाता है।  29 अगस्त, शनिवार  को दोपहर एक बजकर 50 मिनट के बाद राखी बांधना ज्योतिषीय दृष्टि से शुभ और शास्त्रसम्मत रहेगा। यदि बहुत आवश्यक कार्यवश कहीं बाहर जाना पड़ जाए या कोई आपात स्थिति हो तो प्रातः 10 बज कर 14 मिनट से लेकर 11 बजकर 16 मिनट तक भी भद्रा पुच्छ काल में राखी बांधी जा सकती है। 11 बजकर 16 मिनट से दोपहर एक बजकर 50 मिनट तक भद्रा मुखकाल होने से राखी बांधने का शुभ कार्य नहीं करना चाहिए। इसके अलावा मध्याह्न 14 बजकर 15 मिनट से लेकर सायं 17 बजकर 25 मिनट तक अमृत का चौघडि़या भी है। अतः दोपहर 13 बजकर 50 मिनट से सायं 17 बजकर 25 मिनट के मध्य राखी बांधने का पवित्र और स्नेहमय कार्य किया जा सकता है। उत्तर भारत में परंपरागत तौर पर सुबह ही राखी बांध दी जाती है, परंतु जो लोग ज्योतिष एवं मुहूर्त में विश्वास रखते हैं, उन्हें इस बार उपरोक्त मुहूर्त में ही रक्षाबंधन मनाना चाहिए।

भाई-बहन को स्नेह, प्रेम एवं कर्त्तव्य एवं दायित्व में बांधने वाले राखी के पर्व में जब भाई का मुंह मीठा कराया जाता है और कलाई पर धागा बांधा जाता है तो रिश्तों की डोर और मजबूत हो जाती है। इन संबंधों को ताजा करने का अवसर आता है भैया दूज पर। राखी पर बहन,भाई के घर राखी बांधने जाती है और भैया दूज पर भाई,बहन के घर तिलक करवाने जाता है। ये दोनों त्योहार भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर हैं, जो आधुनिक युग में और भी महत्वपूर्ण एवं आवश्यक हो गए  हैं। बहनें भाई को लाल रोली या कुमकुम से तिलक करें, ज्योति से आरती उतारते हुए उसकी दीर्घायु की कामना करें और मिठाई खिलाएं। भाई उपहार स्वरूप बहन को शगुन या उपहार अवश्य दे।पुरोहित अपने यजमानों के रक्षा सूत्र बांधते हैं और पालन-पोषण का वचन लेते हैं। पुरोहित वर्ग को कलाई पर रक्षासूत्र की मौली के तीन लपेटे देते हुए इस मंत्र का उच्चारण करना चाहिए-

येन बद्धो बली राजा दानवेंद्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल।।

गृह सुरक्षा हेतु करें उपाय

वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि मौली को गंगा जल से पवित्र करके गायत्री मंत्र का एक माला जाप करने के बाद  अपने प्रवेश द्वार पर तीन गांठों सहित बांधें तो घर की सुरक्षा पुख्ता हो जाती है और चोरी, दरिद्रता तथा अन्य अनिष्ट से बचाव रहता है।

रूठे भाई को मनाने के लिए

यदि आपका भाई किसी कारणवश रुष्ट है तो शुभ मुहूर्त पर एक पीढ़ी पर साफ लाल कपड़ा बिछाएं। भ्राता श्री की फोटो रखें। एक लाल वस्त्र में सवा किलो जौ, 125 ग्राम चने की दाल, 21 बताशे, 21 हरी इलायची, 21 हरी किशमिश,125 ग्राम मिसरी, 5 कपूर की टिकियां,11 रुपए के सिक्के रखें और पोटली बांध लें। मन ही मन भाई की दीर्घायु की प्रार्थना तथा मन मुटाव समाप्त हो जाने की कामना करके पोटली को 11 बार फोटो पर उल्टा घुमाते हुए, पोटली को शिव मंदिर में रख आएं। भाई दूज पर आपका भाई स्वयं टीका लगाने आ जाएगा।

चुनें राखी का रंग

राखी का रंग ज्योतिष के अनुसार करने से यह विशेष फलदायी हो जाती है। राशि के अनुसार राखी का चयन आप निम्न ढंग से कर सकते हैं-

मेष राशिः मंगल कामना करते हुए कुमकुम का तिलक लगाएं और लाल रंग की डोरी बांधें। संपूर्ण वर्ष स्वस्थ रहेंगे।

बृषभः सिर पर सफेद रूमाल रखें और चांदी की या सिल्वर रंग की राखी बांधें। रोली में अक्षत मिला लें। मन शांत और प्रसन्न रहेगा।

मिथुनः हरे वस्त्र से भाई का सिर ढांकें, हरे धागे या हरे रंग की राखी आत्मविश्वास उत्पन्न करेगी।

कर्कः चंद्रमा जैसे रंग अर्थात सफेद, क्रीम धागों से बनी मोतियों वाली राखी भाई का मन सदा शांत रखेगी।

सिंहः गोल्डन रंग या पीली, नारंगी राखी और माथे पर सिंदूर या केसर का तिलक आपके भाई के लिए भाग्यवर्द्धक साबित होगा।

कन्याः  हरा या चांदी जैसा धागा या रक्षासूत्र से भाई दीर्घायु होगा।

तुलाः  शुक्र का रंग फिरोजी सफेद, क्रीम का प्रयोग रूमाल, राखी और तिलक में प्रयोग करें, जीवन में सुख समृद्धि बढ़ेगी।

वृश्चिक ः  यदि आपके भाई की राशि वृश्चिक है तो लाल, गुलाबी और चमकीली राखी को चुनें।

धनुः गुरु का पीतांबरी रंग भाई की पढ़ाई में चार चांद लगा सकता है। भाई को पीली रेशमी डोरी राखी बांधें।

मकरः ग्रे या नेवी ब्लू रंग के रूमाल से सिर ढकें, नीले रंग के मोतियों वाली राखी भाई को बांधें। इससे बुरी नजर से रक्षा होगी।

कुंभः आसमानी या नीले रंग की डोरी से बनी राखी भाई के लिए भाग्यशाली रहेगी।

मीनः हल्दी का तिलक, लाल पीली या संतरी रंग की राखी शुभता लाएगी।

-मदन गुप्ता सपाटू ,ज्योतिषविद्, सैक्टर 20, चंडीगढ़