पसीने छूटे…नल भी रुठे

By: May 20th, 2015 9:13 pm

दिनभर प्यासा रहा आधा नालागढ़

नालागढ़ —  गर्मी के रंग दिखाने के साथ ही पेयजल संकट गहराने लगा है। नालागढ़ शहर का आधा भाग बुधवार को प्यासा ही रहा। लोग पानी आने का इंतजार करते रहे, लेकिन नलों से पानी ही नहीं टपका, नतीजतन आधे शहर के लोगों को गर्मी के इस मौसम में बिना पानी के ही गुजारा करना पड़ा है। नालागढ़ शहर का आधा हिस्सा पेयजल आपूर्ति से महरूम रहा। बुधवार शाम को पानी न आने के कारण लोग एक दूसरे से पानी आने के बारे में पूछताछ करते रहे। आईपीएच विभाग द्वारा की जाने वाली जलापूर्ति की मोटर मरसिबल सेट बदलने के लिए निकाली जा रही थी कि वह इस दौरान गिरने से खराब हो गई, जिससे शहर का आधा हिस्सा पानी से महरूम रहा। पेयजल आपूर्ति न होने से शहर का वार्ड-1, 5, 6, 7 में पानी नहीं आया है। नालागढ़ शहर को चिकनी नदी के समीप से उठाऊ पेयजल योजना से नालागढ़ शहर के पेयजल आपूर्ति की जाती है। चिकनी नदी से उठाऊ पेयजल योजना की राईजिंग मेन दत्तोवाल से होती हुई नालागढ़ शहर के भल्लेश्वर महादेव मंदिर के समीप बने दो टैंकों तक पहुंचती है, जिसमें इस राईजिंग मेन से पानी टैंकों में आता है और यहीं से शहर के सभी नौ वार्डों को पेयजल आपूर्ति होती है, लेकिन मोटर खराब होने से आधे शहर में पानी की आपूर्ति हुई है, जबकि आधा भाग पानी के बिना ही रह गया। औद्योगिकरण के बाद नालागढ़ शहर भी विकसित हुआ है और यहां भारी संख्या में लोग रहते हैं। यही नहीं हिमाचल के अन्य क्षेत्रों सहित बाहरी राज्यों के लोग भी नालागढ़ शहर में रहते हैं।

गर्मी से घरों में दुबके लोग, सुबह दस बजे के बाद बाहर निकलना दुश्वार

 सोलन  —  जिला भर में पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों का घर से बाहर निकलना दुभर कर दिया है। जिला के मैदानी क्षेत्रों में गर्म लू का प्रकोप इतना अधिक है कि सुबह दस बजे के बाद घर से बाहर नहीं निकलना मुश्किल होने लगा है, जबकि कई दिनों से बारिश न होने के कारण पहाड़ भी तपने लगे हैं। बुधवार को सोलन का अधिकतम तापमान 33.4 डिग्री रिकार्ड किया गया है, जो कि सामान्य से 0.4 डिग्री अधिक है। न्यूनतम तापमान भी 18.5 डिग्री तक पहुंच गया है। न्यूनतम तापमान सामान्य से एक डिग्री अधिक होने के बाद सुबह व सायं काल के दौरान गर्मी का प्रकोप काफी अधिक बढ़ गया है। इस वर्ष का सबसे अधिक तापमान रिकार्ड किया गया है। वहीं जिला के बीबीएन क्षेत्र में भी गर्मी ने लोगों को घर से बाहर निकलना दुभर कर दिया है। गर्म लू चलने के कारण लोग सुबह दस बजे के बाद ही अपने घरों में दुबक जाते हैं। बीबीएन का अधिकतम तापमान 40 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसके कारण क्षेत्र में गर्मी का प्रकोप काफी अधिक बड़ गया है। परवाणू में तापमान 39 डिग्री तक पहुंचने के बाद  गर्मी का काफी अधिक प्रकोप है। इसी  प्रकार अर्की में भी तापमान 35 डिग्री तक पहुंच गया है, जिसकी वजह से लोग गर्मी के कारण काफी परेशान हैं। भीषण गर्मी की वजह से किसानों की फसलें मुरझाने लगी हैं। इन दिनों पहाड़ी क्षेत्रोें में  किसानों द्वारा टमाटर, शिमला मिर्च सहित कई नकदी फसलें लगा रखी हैं। यदि मौसम का यही मिजाज रहता है तो किसानों की नकदी फसलें सूखे की चपेट में आ सकती हैं, जबकि जिला के मैदानी क्षेत्रों में किसानों को बारिश का इंतजार है। अभी तक मक्की की बिजाई  शुरू नहीं हो पाई है, जबकि आमतौर पर मई माह के अंत तक मक्की की बिजाई का काम किसानों द्वारा पूरा कर दिया जाता है, लेकिन इस वर्ष बरसात न होने के कारण मक्की सहित अन्य फसलों की बिजाई का काम शुरू नहीं हो पाया है।