गाडि़यां 68810…पार्किंग 200 के लिए

By: May 20th, 2015 9:14 pm

बीबीएन —  प्रदेश की औद्योगिक राजधानी के तौर पर उतरकर आए औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में पार्किंग के अभाव में हजारों की तादाद में वाहनों को सड़कों पर पार्क करना पड़ रहा है। औद्योगिक क्षेत्र होने के नाते यहां पार्किंग की समस्या दिन-ब-दिन विकराल रूप धारण करती जा रही है। आलम यह है कि बीबीएन में इस वक्त 68810 वाहन पंजीकृत हैं, जिनमें 39794 दोपहिया वाहन , 25590 चार पहिया, टै्रक्टर 3149 व 270 थ्री व्हीलर शामिल हैं, लेकिन पार्किंग की व्यवस्था महज 200 वाहनों के लिए ही है। यही वजह रही है कि वाहनों का जमघट सड़कोें के किनारे लगा रहता है। पूरे बीबीएन में मात्र दो पार्किंग स्थल हैं, जिनमें एक कार पार्किंग नालागढ़ में है, जो उद्घाटन के इंतजार में है और एक ट्रक पार्किंग झाड़माजरी बद्दी में है। इसके अलावा पार्किंग की कोई व्यवस्था नहीं है। मसलन प्रदेश सरकार के खजानें में हजारों करोड़ का राजस्व देने वाले बीबीएन क्षेत्र को पार्किंग सुविधा तक नसीब नहीं हो सकी है। नतीजतन पार्किंग से महरूम बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ क्षेत्र शहर की सड़कों को ही लोगों ने मजबूरन पार्किं ग स्थल बना दिया है। यहां ट्रक कंटेनर, बस, कार, स्कूटर आम तौर पर सड़क व रास्तों के किनारे खड़े देखे जा सकते हैं। इससे जहां जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो जाती है, वहीं लोगों को भी इससे दो चार होना पड़ रहा है। बीबीएन में पार्किंग सुविधा न होने के चलते लोग अपने वाहनों को मनमर्जी से बेतरतीब ढंग से सड़कों पर खड़ा कर देते हैं, जिसके चलते जहां सड़कें संकरी हो रही हैं, वहीं खासकर बच्चों, महिलाओं व बुजुर्गों को इसका अधिक खामियाजा भुगतना पड़ता है। हंडूर रियासत के समय में वर्ष करीब 1421 में नालागढ़ शहर की स्थापना हुई है और उसके बाद कई चुनाव हुए और सरकारें आई और गईं। वर्ष 1952 से लेकर विधानसभा व लोकसभा के कई चुनाव हुए और राजनीतिक दलों के नेताओं ने क्षेत्र में दस्तक दी हैं, लेकिन इस मसले पर गंभीरता से कभी प्रयास नहीं हुए। यही वजह रही कि समय के साथ-साथ वाहनों की तादाद 68 हजार से ज्यादा का आंकड़ा पार कर गई और पार्किग 200 वाहनों को भी नसीब नहीं हुई।