फफक-फफक कर रोया जंडपुर

By: Sep 2nd, 2012 12:08 am

 पंचरुखी — गुजरात में हेलिकाप्ट दुर्घटना में शहीद हुए एयर फोर्स के विंग कमांडर आशीष का पार्थिक शरीर जैसे ही जंडपुर पहुंचा, हजारों लोगों की आंखे नम हो गईं। पिता सुरेश राज शर्मा जो कि एयर फोर्स से सेवानिवृत्त हुए हैं कि आंखे सूखी थीं, आंसू न जाने कहां थम गए थे। मां गायत्री के आंसू थम नहीं रहे थे। वह बेटे का अंतिम बार चेहरा देखना चाहती थी, लेकिन दुर्घटना में शायद उसका चेहरा देखने के काबिल नहीं रहा था। यही कारण था कि आशीष के अंतिम दर्शन करने से हर कोई वंचित रहा। मां रो-रो कर कह रही थी, बेटा जल्द आने को कह गया है, लेकिन अब जब उसका पार्थिव शरीर ही आया तो उसे एक बार देख लेने दो। पत्नी अर्पिता की आंखों से बरसने वाले आंसू रुकते नहीं थे। इनकी आंखें भगवान से शायद यह कह रही थीं कि उससे क्या खता हो गई कि भगवान ने उसका सुहाग छीन लिया। पांच व तीन वर्षीय बेटों को तो पता ही नहीं था कि उनके पिता क्यों तिरंगे में लिपटे हुए हैं, बहन की हालत भी नाजुक थी। पिता सुरेश ने जज्बे को देखते हुए आशीष व उसके बड़े भाई रजनीश में भी देश सेवा को चुना।