कर्मचारी आंदोलन, जनता सड़कों पर

By: Sep 12th, 2012 12:08 am

शिमला — एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति का वर्क-टू-रूल राजधानी वासियों पर भारी पड़ा। कर्मचारियों के आठ घंटे ड््यूटी देने के चलते शहर में दोपहर बाद परिवहन व्यवस्था बुरी तरह चरमराई रही। कर्मचारियों ने केवल आठ घंटे ड््यूटी की। उसके बाद बसों को खड़ा कर दिया। इससे पहले कर्मचारियों ने दोपहर एक बजे ओल्ड आईएसबीटी पर गेट मीटिंग का आयोजन कर आंदोलन की रणनीति बनाई। कर्मचारियों ने इस दौरान निगम प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। पांच बजे के बाद वर्क-टू-रूल का असर देखने को मिला। शिमला में करीब 40 रूटों पर बसें नहीं चल पाई। कई रूटों पर बसें देरी से चली। स्कूल, कालेज, विवि के छात्रों के अलावा सरकारी कर्मचारी निजी फर्माे में कार्य करने वाले कर्मचारी व आम जनता इस से खासी परेशान हुई। शाम को पांच बजे के बाद ओल्ड आईएसबीटी मंे यात्रियांे की लंबी लाइनें लगी थी। लोग बस का घंटों इतजार कर रहे थे, लेकिन सरकारी कर्मचारी बसें ही नहीं चला रहे थे। एचआरटीसी संयुक्त समन्वय समिति का कहना है कि निगम प्रबंधन उन्हें आंदोलन के लिए प्रेरित कर रहा है। उनकी मांगों को आश्वासन के बाद भी लागू नहीं किया जा रहा है। मांगों को लेकर प्रबंधन को पहले ही ज्ञापन सौंप दिया था, पर वार्ता नहीं हुई है।