1665 युवाओं ने संवारी जिंदगी

By: Mar 9th, 2012 12:04 am

धर्मशाला — कांगड़ा जिला में बीस सूत्री कार्यक्रम के तहत वित्त वर्ष में दिसंबर 2011 तक 13 हजार 789 अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के निर्धन परिवारों को लाभान्वित किया गया है। साथ ही स्वर्ण जयंती ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत एक हजार 665 युवाओं को स्वरोजगार आरंभ करने के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई गई है। सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री रविंद्र सिंह रवि ने बुधवार को जिला स्तरीय बीस सूत्रीकार्यक्रम, योजना एवं विकास की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उक्त जानकारी दी। उन्होंने कहा कि गरीबी उन्मूलन कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से कार्यान्वित करने के लिए मनरेगा के तहत दो लाख 33 हजार 750 परिवारों को सौ दिन का रोजगार प्रदान करने पर 38 करोड़ रुपए की राशि व्यय की गई है। इसके अलावा जिला में 156 स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार आरंभ करने के लिए एक करोड़ से अधिक राशि आर्थिक सहायता के रूप में प्रदान की गई। रविंद्र रवि ने कृषि, उद्यान, पशुपालन एवं मत्स्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वह ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को कृषि की नवीनतम तकनीक के बारे में जानकारी उपलब्ध करवाने के लिए शिविरों का आयोजन करें। साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिक्षण संस्थाओं में बच्चों का शत-प्रतिशत दाखिला सुनिश्चित करें, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा ग्रहण करने से वंचित न रह सके। इससे कि ड्रॉप आउट शून्य बन सके। उन्हांेने कहा कि इंदिरा आवास एवं अटल आवास योजना के तहत  एक हजार 410 मकान निर्मित करके आवासहीन व्यक्तियों को उपलब्ध करवाए गए हैं। इसके अतिरिक्त उन्होंने देहरा-शिमला बस सेवा को पुनः आरंभ करने के लिए हिमाचल पथ परिवहन निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए। रविंद्र रवि ने बताया कि गत दो वर्षों से 20 सूत्री कार्यक्रम के सफल कार्यान्वयन में हिमाचल प्रदेश को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।