विशेष नंबर को प्रदेश में चार जोन

By: Nov 2nd, 2010 11:25 pm

राकेश शर्मा, कुल्लू

प्रदेश को विशेष पहचान पत्र के लिए  चार जोन में बांटा गया है। पहला जोन मंडी, कुल्लू व लाहुल-स्पीति, दूसरा किन्नौर, शिमला, सोलन, सिरमौर तीसरा जोन कांगड़ा, चंबा व चौथा जोन हमीरपुर, ऊना, बिलासपुर है। संसदीय सीटों के लिहाज से बनाए गए इन चार जोनों में आधार प्रोजेक्ट के तहत काम किया जाएगा। इस कार्य को अंजाम देने के लिए ग्रामीण विकास, पंचायती राज विभाग, राजस्व विभाग, शिक्षा विभाग व स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ अन्य विभागों की सेवाएं भी ली जाएंगी। उल्लेखनीय है कि अब देश के हर नागरिक को विशेष पहचान नंबर मिलेगा। हर नागरिक का अपना नंबर होगा। इसके लिए भारतीय विशेष पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने एक अलग प्रकार की योजना बनाई है। योजना के तहत देश के हर नागरिक का विशेष पहचानपत्र बनेगा और उक्त नागरिक की कोई आयु सीमा निर्धारित नहीं की गई है। जन्म लेते ही उस बच्चे का भी विशेष पहचानपत्र बनाया जाएगा। इसके लिए एक फोटो, दस फिंगर प्रिंट, जिस पंचायत से संबंधित व्यक्ति है, उसका पिन कोड, उस जगह का रूट प्लान, ब्लड ग्रुप व आंखों की स्थिति का ब्यौरा पहचान पत्र में होगा। आधार नाम से चलने वाले इस प्रोजेक्ट के नोडल अधिकारी योजना विभाग के मुख्य सचिव होंगे। इसके रजिस्ट्रार खाद्य एवं आपूर्ति निगम के निदेशक होंगे। प्रोजेक्ट पर राज्य के तमाम विभाग व आधार प्रोजेक्ट के अधिकारी मिलकर काम करेंगे। इस कार्य को अंजाम देने के लिए जिला राजस्व अधिकारी रूट प्लान तैयार करेगा और उसकी मैपिंग बनाएगा। कार्य को अंजाम देने के लिए टीम कहां और  कैसे जाएगी, यह भी डीआरओ ही निर्धारित करेगा। सारा काम ऑनलाइन होने के साथ-साथ गांवों के जो पिन कोड नंबर हैं, वे भी अपडेट करके आधार प्रोजेक्ट में काम करने वाले अधिकारियों को सौंपे जाएंगे। हिमाचल को इस कार्य के लिए चार जोन में बांटा गया है। हिमाचल में दिसंबर माह के आसपास शुरू होने वाले इस प्रोजेक्ट को लोगों तक पहुंचाने से पहले  विभिन्न विभाग नुक्कड़ नाटकों, गानों, पोस्टर्स व साहित्य आदि से जागरूक करेंगे। विशेष पहचान पत्र बनाने वाली टीम 20 दिन तक एक ही पंचायत में काम करेगी, जिस व्यक्ति का पत्र बनाया जाना है, उसकी पहचान टीम को उस पंचायत से संबंधित सरकारी कर्मी करेंगे, न कि पंचायत प्रतिनिधि।