पंचायत चुनावों में धांधली रोकने को बदले नियम

By: Nov 2nd, 2010 11:27 pm

अजय कुमार, मंडी

पंचायत चुनावों के दौरान कोई भी वोटर एक से अधिक स्थानों पर मतदान नहीं कर पाएगा। यहां तक चुनावी दंगल में कूदने वाले उम्मीदवार भी दहेज में मतदाता एक स्थान से दूसरे स्थान पर साथ नहीं ले जा सकेंगे। पंचायती राज विभाग ने मतदाता सूचियों में संशोधन करने के साथ नियमावली में भी बदलाव कर दिए हैं। स्थानीय निकाय चुनावों में फर्जी मतदान रोकने को विभाग ने फुल प्रूफ फार्मूला ईजाद किया है। ऐसा होने की सूरत में संबंधित मतदाता के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे मतदाताओं को जेल की हवा भी खानी पड़ सकती है। पंचायती राज विभाग से जानकारी के मुताबिक ये सारे उपाय फर्जी मतदान को रोकने के लिए किया गया है। पंचायती चुनावों के दौरान पूर्व में प्रयोग की गईं मतदाता सूचियों के निरीक्षण के बाद ये तथ्य सामने आए हैं कि दस फीसदी के करीब मतदाताओं ने एक से अधिक स्थानों पर अपने वोट बनवा रखे हैं। इनमें से अधिकांश मतदाता विभिन्न स्थानों पर वोट का प्रयोग भी करते रहे हैं। स्थानीय निकाय चुनाव कई चरणों में करवाए जाते हैं, जिस कारण मतदाता अपने प्रत्याशी के साथ एक स्थान से दूसरे स्थान पर दहेज के रूप में निकल जाते हैं और वहां राजनीति के सारे समीकरणों को बदल देते हैं। पंचायती राज मंत्री जयराम ठाकुर पुष्टि करते हैं कि किसी भी मतदाता का एक से अधिक स्थानों पर वोट नहीं हो सकता है, ऐसा होने की सूरत में मतदाता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। दूसरी ओर मंडी नगर परिषद में पंचायती राज विभाग के संशोधन व नए प्रावधान पानी भरते हुए नजर आ रहे हैं। निरीक्षण का उपलब्ध वोटर लिस्टों में एक ही वार्ड में कई परिवारों के वोट तीन मर्तबा बनाए गए हैं। बिना डिलिमीटेशन के मतदाता एक-दूसरे वार्ड में शिफ्ट कर दिए गए हैं। वार्डों से आ रही आपत्तियां बता रही हैं कि वोटिंग राइट ऐट वनप्लेस की अवधारणा शायद ही कभी धरातल पर उतर सके।